यूपी चुनाव से पहले मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान… क्या 2027 से पहले मिलेगा निषाद आरक्षण? : INSIDER LIVE
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में आयोजित “संवाद एवं रात्रि प्रवास” कार्यक्रम के दौरान वीआईपी (VIP) प्रमुख मुकेश सहनी ने निषाद समाज के संवैधानिक आरक्षण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, दिल्ली और ओडिशा में निषाद समाज की विभिन्न उपजातियों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों को अब तक इससे वंचित रखा गया है। सहनी ने स्पष्ट कहा कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने निषाद समाज को संवैधानिक आरक्षण नहीं दिया, तो समाज भाजपा को वोट नहीं देने के अपने संकल्प पर कायम रहेगा।
कुशवाहा मैरेज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी रही। अपने संबोधन में मुकेश सहनी ने आरक्षण के मुद्दे को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि निषाद समाज लंबे समय से अपने संवैधानिक अधिकार की मांग कर रहा है और अब इस मुद्दे पर निर्णायक समाधान की अपेक्षा रखता है।
सहनी ने दावा किया कि जिन राज्यों में निषाद समाज की उपजातियों को आरक्षण का लाभ मिल रहा है, वहां सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर उन्हें संवैधानिक पहचान प्राप्त है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लोगों को समान अधिकार नहीं मिलना बड़ा सवाल है। उन्होंने सरकारों से इस असमानता को समाप्त करने की मांग की।
अपने भाषण में उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव से पहले आरक्षण का मुद्दा हल नहीं हुआ, तो निषाद समाज लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगा। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने गंगाजल हाथ में लेकर अपने पूर्वजों को साक्षी मानते हुए “आरक्षण नहीं, तो भाजपा को वोट नहीं” का संकल्प लिया है।