UP Election 2027: बिहार के बाद यूपी में मुकेश सहनी का नया प्लान, निषाद आरक्षण पर गंगाजल से संकल्प, 30 नवंबर के बाद होगा ये ऐलान : Prabhat khabar
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी रविवार को प्रतापगढ़ पहुंचे. यहां समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. लीला पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में निषाद आरक्षण की मांग को लेकर लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लिया. इसके बाद मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में चल रहे अपने अभियान और आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी.
बिहार के बाद यूपी में आरक्षण के लिए अभियान
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जागरूकता और संकल्प अभियान चलाया जा रहा है. उनका लक्ष्य प्रदेश में 50 लाख निषादों को आरक्षण के लिए संकल्प दिलाना है. सहनी के मुताबिक, अब तक करीब 4 से 5 लाख लोग इस अभियान से जुड़कर संकल्प ले चुके हैं.
30 नवंबर के बाद सामने आएगा राजनीतिक फैसला
सहनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा जोर निषाद समाज को जागरूक करने और आरक्षण की मांग को लेकर अभियान को आगे बढ़ाने पर है. उन्होंने बताया कि अभियान के लिए करीब 70 दिन का समय अभी बाकी है. 30 नवंबर के बाद राजनीतिक निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि निषाद समाज को आरक्षण दिलाना ही इस अभियान का मुख्य मुद्दा है.
10-12 साल से आरक्षण की मांग का दावा
VIP प्रमुख ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निषाद समाज पिछले 10-12 वर्षों से आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है. प्रतापगढ़ के कार्यक्रम में जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गंगाजल हाथ में लेकर आरक्षण के लिए संकल्प लिया. सहनी ने कहा कि समाज की मांग पूरी होने तक यह अभियान जारी रहेगा.
आरक्षण नहीं मिला तो चुनाव में लेंगे राजनीतिक फैसला
मुकेश सहनी ने केंद्र और राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निषाद समाज को आरक्षण नहीं मिला तो आने वाले चुनाव में समाज अपने वोट को लेकर राजनीतिक निर्णय करेगा. उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा निषाद समाज के लिए अहम है और इसी को लेकर प्रदेश में अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है.
प्रतापगढ़ की सातों सीटों तक पहुंचेगा अभियान
सहनी ने बताया कि प्रतापगढ़ की सभी सात विधानसभा सीटों में भी अभियान को गांव-गांव तक ले जाने की तैयारी है. पार्टी कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में लोगों से संपर्क करेंगे और निषाद आरक्षण के मुद्दे पर जागरूकता फैलाएंगे. उन्होंने दोहराया कि 30 नवंबर के बाद अभियान के अगले चरण और राजनीतिक रणनीति को लेकर फैसला किया जाएगा.