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सुलतानपुर: निषाद समाज को 2027 से पहले आरक्षण नही, तो को वोट नहीं: मुकेश सहनी : ETV Bharat

सुलतानपुर: निषाद समाज को 2027 से पहले आरक्षण नही, तो को वोट नहीं: मुकेश सहनी : ETV Bharat
चुनाव करीब आते ही तमाम पार्टियां जातिगत राजनीति को लेकर गुणा गणित बैठाने लगती है. सुल्तानपुर से बीते लोकसभा चुनाव में सपा के टिकट पर रामभुआल निषाद ने मेनका गाँधी को हराकर लोकसभा सीट सपा की झोली में डाली थी, इस सीट पर निषाद वोटरों ने अहम भूमिका अदा की थी. 2022 के यूपी विधान सभा मे भी एनडीए की प्रमुख घटक दल निषाद पार्टी ने जिले की एक सीट सदर पर अपना दावा ठोका था, जिसको निषाद पार्टी के टिकट पर राजबाबू ने जीत दर्ज कर प्रदेश में निषाद वोटरों की ताकत बढ़ाई थी, इसी के बाद से अब सभी पार्टियों की नजर निषाद वोटरों पर है. इसी कड़ी में विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी सोमवार को शहर के अमहट स्थित एक होटल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने निषाद समाज को आरक्षण देने की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प लेगा कि यदि वर्ष 2027 से पहले समाज को आरक्षण नहीं मिला, तो आगामी चुनावों में भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि समाज के अधिकारों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है. उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.संजय निषाद को भी निशाने पर लिया. सहनी ने कहा कि समाज ने उन्हें नेतृत्व दिया, लेकिन सरकार में रहते हुए वह निषाद समाज के आरक्षण के मुद्दे को प्रभावी ढंग से नहीं उठा सके. उन्होंने संजय निषाद से समाज के हित में सरकार पर दबाव बनाने की अपील की. सहनी ने कहा कि यदि संजय निषाद उनके साथ आते हैं, तो वह स्वयं इंडिया गठबंधन के नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बातचीत कर उन्हें सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी दिलाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने देश में जातीय जनगणना कराने और आबादी के अनुपात में आरक्षण देने की मांग भी दोहराई. इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों पर विफल रहने का आरोप लगाया. सहनी ने बताया कि 25 जुलाई के बाद वह पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की ‘संकल्प यात्रा’ निकालेंगे. यात्रा के दौरान वह गांव-गांव जाकर निषाद समाज को एकजुट करने और उनके अधिकारों के लिए जनजागरण अभियान चलाएंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना है और कोई बड़ा राजनीतिक निर्णय 2 नवंबर के बाद ही लिया जाएगा.

Source: https://www.etvbharat.com/hi/state/no-reservation-for-nishad-community-then-no-votes-mukesh-sahani-ups26061506376