मुकेश सहनी ने निषाद आरक्षण-संकल्प अभियान तेज करने का आह्वान:बोले- 50 लाख लोगों को गंगाजल के साथ संकल्प दिलाने का लक्ष्य : Dainik Bhaskar
मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र
सोनभद्र में शनिवार को मुकेश सहनी ने कहा कि यह केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि निषाद समाज के अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के लोगों के साथ अत्याचार और अन्याय की घटनाएं होती रहती हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद सरकार में रहते हुए समाज को आरक्षण और अधिकार नहीं दिला पा रहे हैं, तो उन्हें इस्तीफा देकर विपक्ष में आकर यह लड़ाई लड़नी चाहिए।
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि निषाद समाज को केवल चुनावी वादे नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक अवसर और राजनीतिक भागीदारी भी मिलनी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से युवाओं को अभियान से जोड़ने और हर परिवार को जागरूक करने की अपील की।
सहनी ने कहा कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को संवैधानिक एससी आरक्षण नहीं मिलता है, तो लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और वोट की ताकत के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों के लिए है।
बोले- एक रोटी कम खाइए, बच्चों को जरूर पढ़ाइए
मुकेश सहनी ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव, विधानसभा और बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की अपील की।
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